[31/08, 8:37 pm] UPASANA JI: भगवान श्री चन्द्र की जयंती के अवसर पर श्री चन्द मंदिर में विशाल भंडारे का आयोजन हरिद्वार (वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानंद) कनखल स्थित प्राचीन श्री चंद मंदिर अखाड़ा श्री ब्रह्म बूटा साहिब अमृतसर के तत्वाधान में भगवान श्री चंद्र जी की जयंती के अवसर पर एक विशाल संत भंडारे का आयोजन किया गया इस अवसर पर बोलते हुए परम पूज्य स्वामी सुरेश मुनी महाराज ने कहा श्री चंद्र भगवान की 531वीं जन्म जयंती के अवसर पर सभी भक्तजनों को बहुत-बहुत शुभकामनायें उन्होंने कहा जो भक्त सच्चे मार्ग पर चलते हैं जिनके मन में दूसरों के प्रति दया भाव बसा रहता है और उनके मन में ईश्वर की आराधना का भाव बसा रहता है उनका सदैव कल्याण होता है इस पृथ्वी लोक पर गुरुदेवहमारे सच्चे मार्गदर्शक है जो धर्म-कर्म के माध्यम से पूजा पाठ यज्ञ अनुष्ठान के माध्यम से हमें भक्ति मार्ग से कल्याण की और ले जाते सतगुरु पार ब्रह्म है सतगुरु ही ज्ञान अवतार सतगुरु महिमा अपार है बेड़ा लगाये पार इस अवसर सरदार रविंदर सिंह अरोड़ा एडवोकेट कोतवाल कमल मुनि महाराज कोतवाल रमेशानंद देहरादून बाबा कोतवाल धर्मदास कोतवाल रामदास सहित भारी संख्या में संत व भक्तगण उपस्थित थे
[31/08, 8:37 pm] UPASANA JI: जगत महारानी राधा रानी की अष्टमी के अवसर पर विशाल संत भंडारे का आयोजन सतगुरु तारणहार है श्याम अदलखा हरिद्वार( वरिष्ठ पत्रकार ठाकुर मनोजानंद) भूपतवाला स्थित श्री उदासीनकार्षणी नारायण आश्रम में जगत महारानी राधा रानी अष्टमी के अवसर पर परम पूज्य गुरुदेव त्याग मूर्ति परम तपस्वी ज्ञान मूर्ति 1008 श्री श्री गुरुशरणानन्द जी महाराज के पतित पावन सानिध्य में एक विशाल संत भंडारे का आयोजन किया गया इस अवसर पर बोलते हुए श्री अम्बादत्त पुजारी ने कहा इस पृथ्वी लोक पर हरि भजन से बढ़कर मनुष्य जीवन की कोई और बड़ी निधि हो ही नहीं सकती वह मनुष्य के इस लोक में भी काम आती है और परलोक में भी काम आती इस अवसर पर बोलते हुए श्री श्यामअदलखा जी ने कहा इस संसार में सतगुरु गंगा की वह पावन धार है जिनके ज्ञान रूपी सरोवर में स्नान करने के बाद भक्तों का जीवन धन्य तथा कृतार्थ हो जाता है गुरु बिना ज्ञान नहीं और गुरु बिना कल्याण नहीं और गुरु बिना गति नहीं सतगुरु तारण हार है सतगुरु ही मेरे राम सतगुरु भव की नाव है जो चढ़े सो उतरे पार इस पृथ्वी लोक पर सतगुरु देव ईश्वर के प्रतिनिधि के रूप में हम लोगों के मार्गदर्शन हेतु अवतरित होते हैं सतगुरु की शरणागत होने से हमारे भाग्य का उदय हो जाता है एवम हमारा मानव जीवन सार्थक हो जाता है सतगुरु की शरण में जाने से हमारे मस्तिष्क पटल में ज्ञान का उदय हो जाता है एवम हमारे ज्ञान चक्षु खुल जाते हैं वे लोग बड़े ही भाग्यशाली होते हैं जिन्हें गुरु की शरण प्राप्त होती है इस अवसर पर परम पूज्य स्वामी अमृतानंद महाराज ने कहा गुरु ज्ञान के दाता होने के साथ-साथ हमारी एक सच्चे मार्गदर्शक होते हैं जो अपने ज्ञान के माध्यम से हमारा लोक एवम परलोक दोनों सुधार इस अवसर पर श्री रुपेश पुरी महाराज बबली जी स्वामी उमेशानंद महाराज स्वामी राघवानंद महाराज महंत जगजीत सिंह महाराज महंत कमलेश्वरानंद महाराज सहित भारी संख्या में संत महापुरुष तथा भक्तजन उपस्थित थे
[31/08, 8:45 pm] UPASANA JI: हरिद्वार
संत समाज ने ब्रह्मलीन महंत स्वामी राजेंद्रानन्द महाराज को अर्पित की भावभीनी श्रद्धांजलि
उपासना तेश्वर
गौ गंगा गीता को समर्पित था ब्रह्मलीन महंत स्वामी राजेंद्रानन्द महाराज का समूचा जीवन:श्रीमहंत रविंद्रपुरी
सनातन धर्म संस्कृति एवं गौ सेवा को समर्पित थे ब्रह्मलीन महंत राजेंद्रानंद महाराज:भूपेंद्र चौधरी
उत्तरी हरिद्वार की प्रख्यात धार्मिक संस्था श्री विश्नोई आश्रम भीमगोड़ा के ब्रह्मलीन परमाध्यक्ष स्वामी राजेन्द्रानन्द महाराज को तेरह अखाड़ों के संतो महंतो महामण्डलेश्वरों एवं देश भर से पधारे विश्नोई समाज के गणमान्य लोगों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित।इस अवसर पर ब्रह्मलीन महंत राजेंद्रानंद महाराज के शिष्य स्वामी प्रणवानंद महाराज को तेरह अखाड़ों के संतो महंतो एवं महामण्डलेश्वरों ने तिलक चादर विधि की।इस अवसर पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष एवं पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के सचिव श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत स्वामी राजेंद्रानन्द महाराज का समूचा जीवन गौ गंगा गीता और विश्नोई समाज को समर्पित रहा,उन्होंने कहा कि संतो का जीवन समाज कल्याण के लिए होता है महंत राजेन्द्रानंद महाराज ने विश्नोई समाज को धर्म के मार्ग पर चलाकर सनातन धर्म संस्कृति को संरक्षित करने का काम किया।
भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि सनातन धर्म संस्कृति को मजबूत करने में ब्रह्मलीन महंत राजेंद्रानंद महाराज ने अपना समूचा जीवन समर्पित किया उन्होंने जीवन पर्यंत गौ माता की सेवा की ओर विश्नोई समाज को सनातन धर्म संस्कृति के प्रति जागरूक किया।
श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम की अध्यक्षता महामंडलेश्वर भगवतस्वरूप महाराज ने एवं संचालन महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज ने किया।अध्यक्षीय संबोधन में महामंडलेश्वर भगवत स्वरूप महाराज ने कहा कि महंत राजेंद्रानन्द महाराज सरलता की प्रतिमूर्ति थे उन्होंने जीवन भर समाज हित में कार्य किए। सांसद सोनीपत सतपाल ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत राजेंद्रानंद महाराज ने देश के विश्नोई समाज को एकजुट करके धर्म के मार्ग पर चलाया ओर पर्यावरण और जीव संरक्षण का पाठ पढ़ाया,नगर विधायक मदन कौशिक ने कहा कि महंत राजेंद्रानन्द महाराज बड़े दयालु कृपालु प्रवृति के संत थे।
महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि महाराज ने कहा कि महंत राजेंद्रानन्द महाराज ने गौ सेवा करने में अहम भूमिका निभा कर समाज को गौ माता के प्रति समर्पण की भावना लोगों में जागृत की। श्री विश्नोई आश्रम भीमगोड़ा के नवनियुक्त परमाध्यक्ष महंत स्वामी प्रणवानंद महाराज ने कहा कि गुरुदेव के बताए मार्ग पर चलकर गौ गंगा गीता देश और समाज की सेवा को समर्पित भाव से किया जाएगा और गुरुदेव के प्रकल्पों को बढ़ाने का काम किया जाएगा और देश के विश्नोई समाज को सनातन धर्म संस्कृति को मजबूत करने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी गर्व गिरि,महामंडलेश्वर स्वामी चिंदविलाशानंद सरस्वती,महामंडलेश्वर अनंतानंद,महामंडलेश्वर आत्म प्रकाशानंद यति, महामंडलेश्वर राम मुनि,श्रीमहंत विष्णुदास,श्रीमहंत दुर्गादास,महंत रविदेव शास्त्री,आचार्य हरिहरानंद,महामंडलेश्वर हरिभलव शास्त्री, महंत रघुवीर दास,महंत मुकेशानंद,महंत विवेकानंद,महंत सूरजदास,महंत नारायण पटवारी,महंत आलोक गिरि,महंत विनोद महाराज,महंत मोहनदास,महंत शुभम् गिरि,महंत कृष्णदेव,महंत जगदीश सिंह,पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल, हुक्कम राम विश्नोई, सलिल विश्नोई,जिला पंचायत अध्यक्ष शैफाली सिंह,पूर्व मुख्यमंत्री हरियाणा भजनलाल के पौत्र विधायक भव्य विश्नोई,पूर्व विधायक बिहारी लाल विश्नोई,विधायक रणधीर परिहार, डा सीमा, हरिद्वार विधायक मदन कौशिक,आदेश चौहान,मेयर किरण जैसल, पार्षद सुमित चौधरी, सूर्यकांत शर्मा, समाज सेवी प्रमोद गिरि,धर्मेंद्र विश्नोई हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शोक संदेश श्रद्धांजलि अर्पित की।
ब्रह्मलीन महंत स्वामी राजेंद्रानन्द महाराज के शिष्य स्वामी जयानंद महाराज,स्वामी गोविंद शरणानंद,स्वामी अमृतानंद,स्वामी रमतानंद,राघवानंद, प्रभुतानंद,नरेशानंद,जगदेवानंद, विश्वंभरानन्द,स्वामी सर्वानंद,गोविंद शरणानंद,विश्वात्मानंद, गजानंद,सागरानंद,शतानंद, डॉ सचिदानंद आचार्य,पप्पूराम डारा ने संतो महंतो महामण्डलेश्वरों का स्वागत किया।


