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हरिद्वार (उपासना तेश्वर )
धर्मनगरी हरिद्वार के देवपुरा स्थित श्री गुरु मंडल आश्रम में आज परम श्रद्धेय दामोदर दास जी के सान्निध्य में विशाल संत भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक आयोजन में पंचपुरी के संत-महात्माओं ने पहुंचकर भोजन प्रसाद एवं दक्षिणा ग्रहण की और आयोजन को दिव्यता से भर दिया।सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के समापन अवसर पर आयोजित इस भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी शामिल हुए। आश्रम परिसर में सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी और सभी ने श्रद्धा भाव से प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।
इस अवसर पर गुरुजी ने अपने उद्बोधन में कहा कि “भंडारा केवल भोजन कराने का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा, समर्पण और मानवता का प्रतीक है। संतों और जरूरतमंदों की सेवा ही सच्ची भक्ति है।”कार्यक्रम में संत समाज की गरिमामयी उपस्थिति और भक्तों के उत्साह ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भजन-कीर्तन और सेवा भाव के बीच यह आयोजन एक आध्यात्मिक उत्सव के रूप में संपन्न हुआनजीवन में सेवा, दान और संतों का सम्मान ही सच्चे धर्म का मार्ग है। जब हम निस्वार्थ भाव से दूसरों की सेवा करते हैं, तभी वास्तविक पुण्य की प्राप्ति होती है।


