हरिद्वार (रूड़की)
उपासना तेश्वर
सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से उत्तरदायी नागरिकों का निर्माण राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत सतत सहभागिता और नागरिक शिक्षण की दिशा में एक कदम 300 से अधिक प्रतिभागियों ने स्वच्छ पर्यावरण और अनुभवात्मक शिक्षा के लिए एकजुट होकर योगदान दिया
आईआईटी रुड़की, उत्तराखंड, भारत – 15 अक्टूबर 2025: सामुदायिक आउटरीच (कोर) पाठ्यक्रम के अंतर्गत सामुदायिक सहभागिता एवं अनुभवात्मक शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के तहत, आईआईटी रुड़की 15 अक्टूबर 2025 की दोपहर को गंगा नहर सफाई अभियान का आयोजन कर रहा है। इस पहल में 250-300 से अधिक सदस्य, जिनमें स्नातक छात्र, आईआईटी रुड़की की एनएसएस शाखा, संकाय एवं कर्मचारी शामिल हैं, उत्साहपूर्वक भाग लेंगे, जो संस्थान की सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरणीय जागरूकता की सामूहिक भावना को दर्शाता है।
यह कार्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुरूप है, जो सामाजिक जुड़ाव, नागरिक जिम्मेदारी और कक्षाओं से परे समग्र शिक्षा पर जोर देता है। इस पहल के माध्यम से, छात्र स्थायी सामुदायिक सहभागिता के मूल्य का अनुभव करेंगे।
शैक्षणिक मामलों के कुलशासक प्रो. नवीन कुमार नवानी एवं छात्र कल्याण कुलशासक प्रो. बारजीव त्यागी ने संस्थान समुदाय से मिले अपार समर्थन के लिए अपनी सराहना व्यक्त की और कहा, “इस तरह की पहल हमारे छात्रों में सहानुभूति और जनसेवा की भावना का पोषण करेगी। ये हमें याद दिलाती हैं कि शिक्षा तभी सार्थक है जब वह समाज और पर्यावरण के लिए योगदान दे।”
आईआईटी रुड़की सिंचाई विभाग को उनकी रसद सहायता, अनुमति और जमीनी समन्वय के लिए हार्दिक आभार व्यक्त करता है।
आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के.के. पंत ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह प्रयास सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण और शैक्षणिक शिक्षा को एकीकृत करने के लिए आईआईटी रुड़की की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है – जो एनईपी 2020 की सच्ची भावना और राष्ट्र सेवा के संस्थान के आदर्श वाक्य को मूर्त रूप देता है।


