हरिद्वार
ओम मुरारी आश्रम रानी गली भूपतवाला हरिद्वार में आश्रम धारी महामंडलेश्वर, महंत एवं संतों की एक विशाल बैठक का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता बाबा हठ योगी जी महाराज ने की। इस बैठक में सभी संतों ने आश्रमों की विभिन्न समस्याओं की चर्चा की तथा संतों पर हो रहे आए दिन हमले की भी चर्चा की संतों की सुरक्षा एवं आश्रमों की सुरक्षा की चिंता सभी संतो ने एक स्वर से व्यक्त करते हुए आश्रम धारी संतो के संगठन की आवश्यकता पर बल दिया आश्रम धारीसंतों की समस्याओं पर प्रशासन भी उपेक्षा पूर्ण व्यवहार रखता है जिसके कारण से संतों की और आश्रमों की सुरक्षा का विषय गंभीर देखते हुए सभी संतो ने एक स्वर से अखिल भारतीय संत आश्रम परिषद का गठन किया। यह संगठन 127 संप्रदायों का संगठन होगा तथा पूरे विश्व के आश्रमों एवं संतों का संगठन होगा इस विशाल कार्य की गंभीरता को सभी ने चुनौती पूर्ण माना चुनौती पूर्ण मानते हुए सभी ने एकमत एक राय होकर महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि जी महाराज को सर्वसम्मति से अध्यक्ष घोषित किया। साथ ही उनसे नेतृत्व करने का आग्रह किया महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि जी महाराज ने संतों का आदेश मानते हुए अपनी सहमति प्रदान की आश्रम परिषद के अध्यक्ष के रूप में महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि जी महाराज ने कहा संतों की सेवा भगवान की सेवा है यह मेरा सौभाग्य है जो संतों ने मुझे प्रदान किया है मैं अपनी पूरी शक्ति और सामर्थ्य से इसका निर्वहन करुंगा। सभी संतो के आग्रह पर आश्रम परिषद के अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरि जी महाराज ने अपनी सूक्ष्म राष्ट्रीय परिषद की घोषणा की।भविष्य में विशाल राष्ट्रीय परिषद बनाने का आश्वासन भी दिया। घोषित राष्ट्रीय पदाधिकारी में संरक्षक के रूप में बाबा हठयोगी एवं स्वामी गोपाल गिरी जी महाराज का आशीर्वाद रहेगा उपाध्यक्ष के रूप में विनोद जी महाराज महामंत्री के रूप में स्वामी राम विशाल दास जी महाराज एवं दूसरे महामंत्री के रूप में स्वामी सत्यव्रत आनंद सरस्वती जी महाराज मंत्री के रूप में स्वामी ओम्मानंद जी महाराज तथा कोषाध्यक्ष के रूप में स्वामी स्वयं आनंद जी महाराज सोहम वाले कार्य करेंगे संगठन का विस्तार अतिशीघ्र पूरे देश में किया जाएगा जिससे संत समाज एवं आश्रम मठ मंदिर सभी सुरक्षित रह सके संगठन की समस्त प्रक्रियाएं आश्रम परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर पूर्ण होगी।
उपस्थित सभा में सैकड़ो आश्रम धारी महामंडलेश्वर महंत श्री महंत तथा संतो उपस्थित थे जिनमें प्रमुख रूप से महामंडलेश्वर स्वामी प्रबोधानंद गिरी जी महाराज बाबा बलराम दास हठ योगी जी महाराज गोपाल गिरी जी महाराज स्वामी स्वयं आनंद जी महाराज स्वामी सत्यार्थ आनंद सरस्वती जी महाराज स्वामी राम विशाल दास जी महाराज स्वामी शिवानंद जी महाराज स्वामी चंद्रभूषण आनंद सरस्वती जी महाराज स्वामी विनोद महाराज स्वामी देवानंद जी महाराज स्वामी प्रकाशानंद जी महाराज स्वामी श्याम प्रकाश जी महाराज स्वामी मुकेश आनंद जी महाराज स्वामी ओम आनंदी महाराज स्वामी ओम दास जी महाराज स्वामी प्रद्युम्न दास जी महाराज स्वामी प्रद्युम्नब्रह्मचारी स्वामी वीरेंद्र गिरी जी महाराज स्वामी प्रज्ञानंद गिरी जी महाराज स्वामी महानंद सरस्वती जी महाराज आचार्य परम चैतन्य जी महाराज स्वामी अनुज दास जी महाराज महंत राधा गिरी अवध गिरी प्रहलाद दास जी महाराज कैलाशानंद गिरि जी महाराज स्वामी महेश्वरानंद जी महाराज कोतवाल कमल मुनि जी महाराज आचार्य शशिकांत जी महाराज स्वामी अमिताभ भारती स्वामी अकामानंद जी महाराज साध्वी निशा ज्योति स्वामी विमल चेतन जी महाराज आदि प्रमुख संतों की उपस्थिति रही।


