हरिद्वार
आज दिनांक 29 मई 2026 को हरिद्वार में मजदूर नेताओं पर फर्जी मुकदमें वापस लेने व पंकज कुमार तथा जय प्रकाश पर गुंडा एक्ट लगाने के विरोध में संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा हरिद्वार व विभिन्न सामाजिक संगठनों और न्याय प्रिय नागरिकों द्वारा रोशनाबाद कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन कर एक दर्जन से अधिक ज्ञापन जिलाधिकारी महोदय हरिद्वार को सौंपे।
संयुक्त मोर्चे के संयोजक व फूड्स श्रमिक संगठन आई टी सी के महामंत्री गोविन्द सिंह ने कहा कि पूंजीपतियों के दवाब में हरिद्वार प्रशासन ने पहले दो कम्पनी के मजदूर कमेटी के प्रतिनिधि समेत पंकज कुमार, जय प्रकाश, नीता पर पहले फर्जी मुकदमें लगाये, उसके बाद पंकज कुमार व जय प्रकाश पर गुंडा एक्ट का नोटिस देना सीधे तौर पर शासन प्रशासन की पक्षधरता सिडकुल के पूँजीपतियों के साथ दिखता है। मजदूर आंदोलन का दमन व फर्जी मुकदमें और गुंडा एक्ट लगाने की कार्यवाई गैरकानूनी व असंवैधानिक है। मजदूरों के जायज मांगों को मानने के बजाय उत्तराखंड सरकार मजदूर का दमन करने पर उतारु है।
संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा हरिद्वार के घटक संगठन शासन प्रशासन द्वारा फर्जी गुंडा एक्ट की कार्रवाई की घोर निंदा करता है। और मांग करता है मजदूर नेताओं पर फर्जी गुंडा एक्ट लगाने की कार्यवाई को तत्काल रोक लगाई जाय और फर्जी मुकदमें रद्द किये जाये । सिडकुल में मजदूरों का शोषण व उत्पीड़न बंद किये जाय। और इनकी जायज मांगों को पूरा किया जाय।
आज प्रदर्शन व ज्ञापन की कार्यवाई में इंकलाबी मजदूर केंद्र के राजकिशोर , प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की हरिद्वार प्रभारी नीता,सचिव दीपा,क्रांतिकारी लोक अधिकार के संयोजक नासिर अहमद, जन अधिकार संगठन के अध्यक्ष सुनिल आनंद , प्रगतिशील भोजनमाता संगठन की उपाध्यक्ष रजनी संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा के घटक संगठन फूड्स श्रमिक यूनियन (आईटीसी)के महामंत्री गोविन्द सिंह , भेल मजदूर ट्रेड यूनियन(बीएचईएल) महामंत्री अवधेश कुमार , सीमेंस वर्कर्स यूनियन(सी एंड एस) के अशोक गिरि, प्रदीप, किर्बी श्रमिक कमेटी के प्रधान कृष्ण मुरारी , एवरेडी मजदूर यूनियन के अध्यक्ष संजीव कुमार,महामंत्री अनिल कुमार,देव भूमि श्रमिक संगठन (हिन्दूस्तान यूनिलीवर) के महामंत्री दिनेश कुमार ,जितेन्द्र एवरेस्ट इंडस्ट्रीज मजदूर यूनियन के महामंत्री सतीश कुमार (भगवानपुर), कर्मचारी सत्यम आटो के महिपाल ,सीएसटीयू घटक मासा के साथी समेत एडवोकेट प्रशांत कुमार शर्मा तथा समाजिक कार्यकर्ता व कानूनी सलाहकार एडवोकेट रुप चंद आजाद आदि सहित मजदूर व भोजनमाताएं शामिल रहे।


