हरिद्वार, 15 सितंबर
एस.एम.जे.एन. (पी.जी.) कॉलेज, हरिद्वार में स्थायी लोक अदालत हरिद्वार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार के संयुक्त तत्वावधान में विधिक जागरूकता एवं साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के साथ ही 9 सितंबर से 15 सितंबर तक आयोजित हिंदी महोत्सव का भव्य समापन भी हुआ।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती नीतू जोशी, न्यायाधीश (उच्चतर न्यायिक सेवा) एवं अध्यक्ष, स्थायी लोक अदालत हरिद्वार रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि श्रीमती नीतू जोशी एवं कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार बत्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कॉलेज की छात्रा लक्ष्मी ने मधुर स्वर में सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में ‘भारतीय लोकतंत्र के सम्मुख चुनौतियाँ एवं सुझाव’ विषय पर छात्र-छात्राओं एवं लॉ इंटर्न्स ने अपने विचार व्यक्त किए। इस दौरान डिप्टी एल.ए.डी.सी. रमन कुमार सैनानी ने भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था, संविधान में उल्लेखित मौलिक अधिकारों तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार बत्रा ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र केवल एक शासन व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह नागरिकों की सक्रिय सहभागिता, संवैधानिक मूल्यों के सम्मान तथा अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूकता का नाम है।
मुख्य अतिथि श्रीमती नीतू जोशी ने लोकतंत्र में न्यायपालिका की भूमिका एवं न्यायिक कार्यप्रणाली के संबंध में विद्यार्थियों को जानकारी दी। उन्होंने स्थायी लोक अदालत हरिद्वार की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि पब्लिक यूटिलिटी सर्विसेज यानी लोक उपयोगी सेवाओं से संबंधित ऐसे मामले, जिनका मूल्यांकन एक करोड़ रुपये तक है, स्थायी लोक अदालत में प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि लोक उपयोगी सेवाओं में वायु, सड़क एवं जलमार्ग द्वारा यात्रियों अथवा माल के परिवहन की सेवाएं, डाक, तार एवं टेलीफोन सेवाएं, विद्युत एवं जल आपूर्ति, लोक सफाई एवं स्वच्छता व्यवस्था, अस्पताल एवं औषधालयों की सेवाएं, बीमा एवं बैंकिंग सेवाएं, शैक्षणिक संस्थानों तथा आवास एवं भू-संपदा से संबंधित सेवाएं शामिल हैं।
मुख्य अतिथि ने यह भी बताया कि अब पक्षकारों के निवेदन पर स्थायी लोक अदालत में मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी की जा सकती है। इसके अलावा ई-मेल के माध्यम से भी वाद प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं प्राचार्य द्वारा कॉलेज की प्रोफेसर डॉ. पुनीता शर्मा द्वारा लिखित पुस्तक ‘न्यूट्रिशन एंड स्पेशलिटी फूड्स’ का विमोचन किया गया। वहीं डॉ. पद्मावती तनेजा की पुस्तक ‘वैदिक गणित’ को आई.के.एस. लिस्ट में शामिल किए जाने पर उन्हें सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरिद्वार द्वारा कॉलेज में स्थापित लीगल एड क्लीनिक का भी निरीक्षण किया। उन्होंने जरूरतमंदों को निःशुल्क विधिक सेवाएं उपलब्ध कराने में सहयोग प्रदान करने के लिए कॉलेज प्रशासन की सराहना की।
कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ, पर्यावरण प्रकोष्ठ, राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई, लीगल एड सेल, हिंदी विभाग एवं मानव क्लब के संयुक्त तत्वावधान में 9 सितंबर से 15 सितंबर तक आयोजित हिंदी महोत्सव का भी समापन हुआ। हिंदी महोत्सव के अंतर्गत विभिन्न शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की गई थीं। इनमें प्रतिभाग करने वाले छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि एवं प्राचार्य द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं मेडल प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. आशा शर्मा एवं मोना शर्मा ने किया। इस अवसर पर डॉ. सरोज शर्मा, डॉ. पूर्णिमा सुन्दरीयाल, डॉ. मीनाक्षी शर्मा, डॉ. शिव कुमार चौहान, डॉ. पल्लवी राणा, डॉ. सुषमा नयाल, डॉ. लता शर्मा, डॉ. अनुरिषा, डॉ. रेणु सिंह, अमिता मल्होत्रा सहित कॉलेज का समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर इतिहास विभाग के प्रोफेसर डॉ. संजय कुमार माहेश्वरी ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं का सफल आयोजन के लिए आभार व्यक्त किया।


